rahat indori sher-राहत इन्दोरी शेर



rahat indori sher-राहत इन्दोरी शेर 



राहत इन्दोरी भारत के परसिद्ध कवी में से एक है.राहत इन्दोरी साहब की कई शायरी पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। राहत इन्दोरी जी ने बोहोत से ग़ज़ल,शायरी,गाने,कबिताएं,भी लिखी है,राहत इन्दोरी की कई मोटिवेशनल शायरी बोहोत प्रशिद्ध है,राहत इन्दोरी ने हर तरह के शायरी लिखे है, जैसे-राहत इन्दोरी की प्यार की शायरी,राहत इन्दोरी नफ़रत शायरी,राहत इन्दोरी मोटिवेशनल शायरी,राहत इन्दोरी की उर्दू शायरी,राहत इन्दोरी की 2  लाइन की शायरी,राहत इन्दोरी क्वोटेस्,उर्दू शायरी,हिंदी शायरी,राहत  इन्दोरी फेमस शायरी,कवितायें,ग़ज़ल,बातें,राहत इन्दोरी की प्रशिद्ध उर्दू शायरी ,





rahat indori sher-राहत इन्दोरी शेर

rahat indori sher-राहत इन्दोरी शेर

इन्तेज़ामात  नए सिरे से संभाले जाएँ
जितने कमजर्फ हैं महफ़िल से निकाले जाएँ
मेरा घर आग की लपटों में छुपा हैं लेकिन
जब मज़ा हैं, तेरे आँगन में उजाला जाएँ

rahat indori shayar in hindi and urdu

rahat indori sher-राहत इन्दोरी शेर


ये हादसा तो किसी दिन गुजरने वाला था
में बच भी जाता तो मरने वाला था
मेरा नसीब मेरे हाथ कट गए
वरना में तेरी मांग में सिन्दूर भरने वाला था

rahat indori shero shayari in hindi

rahat indori sher-राहत इन्दोरी शेर



इस से पहले की हवा शोर मचाने लग जाए
मेरे “अल्लाह” मेरी ख़ाक ठिकाने लग जाए
घेरे रहते हैं खाली ख्वाब मेरी आँखों को
काश कुछ  देर मुझे नींद भी आने लग जाए
साल भर ईद का रास्ता नहीं देखा जाता
वो गले मुझ से किसी और बहाने लग जाए

rahat indori love shayari -in hindi

rahat indori sher-राहत इन्दोरी शेर

दोस्ती जब किसी से की जाये
दुश्मनों की भी राय ली जाए
बोतलें खोल के तो पि बरसों
आज दिल खोल के पि जाए

rahat indori famous shayari in hindi

rahat indori sher-राहत इन्दोरी शेर

फैसला जो कुछ भी हो, हमें मंजूर होना चाहिए
जंग हो या इश्क हो, भरपूर होना चाहिए
भूलना भी हैं, जरुरी याद रखने के लिए
पास रहना है, तो थोडा दूर होना चाहिए

rahat indori sher

rahat indori sher-राहत इन्दोरी शेर

यही ईमान लिखते हैं, यही ईमान पढ़ते हैं
हमें कुछ और मत पढवाओ, हम कुरान  पढ़ते हैं
यहीं के सारे मंजर हैं, यहीं के सारे मौसम हैं
वो अंधे हैं, जो इन आँखों में पाकिस्तान पढ़ते हैं

rahat indori shayari in hindi

rahat indori sher-राहत इन्दोरी शेर

चलते फिरते हुए मेहताब  दिखाएँगे तुम्हे
हमसे मिलना कभी पंजाब दिखाएँगे तुम्हे

rahat indori attitude shayari

rahat indori sher-राहत इन्दोरी शेर

इस दुनिया ने मेरी वफ़ा का कितना ऊँचा  मोल दिया
बातों के तेजाब में, मेरे मन का अमृत घोल दिया
जब भी कोई इनाम मिला हैं, मेरा नाम तक भूल गए
जब भी कोई इलज़ाम लगा हैं, मुझ पर लाकर ढोल दिया

rahat indori on pm modi

rahat indori sher-राहत इन्दोरी शेर

कश्ती तेरा नसीब चमकदार कर दिया
इस पार के थपेड़ों ने उस पार कर दिया
अफवाह थी की मेरी तबियत ख़राब हैं
लोगो ने पूछ पूछ के बीमार कर दिया
मौसमो का ख़याल रखा करो
कुछ लहू मैं उबाल रखा करो
लाख सूरज से दोस्ताना हो
चंद जुगनू भी पाल रखा करो

Rahat indori
rahat indori sher-राहत इन्दोरी शेर

जागने की भी, जगाने की भी, आदत हो जाए
काश तुझको किसी शायर से मोहब्बत हो जाए
दूर हम कितने दिन से हैं, ये कभी गौर किया
फिर न कहना जो अमानत में खयानत हो जाए
सूरज, सितारे, चाँद मेरे साथ में रहें
जब तक तुम्हारे हाथ मेरे हाथ में रहें

rahat indori sher-राहत इन्दोरी शेर


जवानिओं में जवानी को धुल करते हैं
जो लोग भूल नहीं करते, भूल करते हैं

अगर अनारकली हैं सबब बगावत का
सलीम हम तेरी शर्ते कबूल करते हैं

rahat indori sher-राहत इन्दोरी शेर


जवान आँखों के जुगनू चमक रहे होंगे
अब अपने गाँव में अमरुद पक रहे होंगे
भुलादे मुझको मगर, मेरी उंगलियों के निशान
तेरे बदन पे अभी तक चमक रहे होंगे

rahat indori sher-राहत इन्दोरी शेर

इश्क ने गूथें थे जो गजरे नुकीले हो गए
तेरे हाथों में तो ये कंगन भी ढीले हो गए

rahat indori sher-राहत इन्दोरी शेर

फूल बेचारे अकेले रह गए है शाख पर
गाँव की सब तितलियों के हाथ पीले हो गए


rahat indori sher-राहत इन्दोरी शेर


जुबा तो खोल, नज़र तो मिला,जवाब तो दे
में कितनी बार लुटा हु, मुझे हिसाब तो दे
तेरे बदन की लिखावट में हैं उतार चढाव
में तुझको कैसे पढूंगा, मुझे किताब तो दे

rahat indori sher-राहत इन्दोरी शेर

उसकी कत्थई आंखों में हैं जंतर मंतर सब
चाक़ू वाक़ू, छुरियां वुरियां, ख़ंजर वंजर सब
जिस दिन से तुम रूठीं,मुझ से, रूठे रूठे हैं
चादर वादर, तकिया वकिया, बिस्तर विस्तर सब
मुझसे बिछड़ कर, वह भी कहां अब पहले जैसी है
फीके पड़ गए कपड़े वपड़े, ज़ेवर वेवर सब

rahat indori sher-राहत इन्दोरी शेर


फैसला जो कुछ भी हो, हमें मंजूर होना चाहिए
जंग हो या इश्क हो, भरपूर होना चाहिए
भूलना भी हैं, जरुरी याद रखने के लिए
पास रहना है, तो थोडा दूर होना चाहिए
rahat indori sher-राहत इन्दोरी शेर

अब जो बाज़ार में रखे हो तो हैरत क्या है
जो भी देखेगा वो पूछेगा की कीमत क्या है
एक ही बर्थ पे दो साये सफर करते रहे
मैंने कल रात यह जाना है कि जन्नत क्या है

rahat indori sher-राहत इन्दोरी शेर


आग के पास कभी मोम को लाकर देखूं
हो इज़ाज़त तो तुझे हाथ लगाकर देखूं
दिल का मंदिर बड़ा वीरान नज़र आता है
सोचता हूँ तेरी तस्वीर लगाकर देखूं


rahat indori sher-राहत इन्दोरी शेर

ऐसी सर्दी है कि सूरज भी दुहाई मांगे
जो हो परदेश में वो किससे रजाई मांगे

rahat indori sher-राहत इन्दोरी शेर

राज़ जो कुछ हो इशारों में बता भी देना
हाथ जब उससे मिलाना तो दबा भी देना




rahat indori sher-राहत इन्दोरी शेर


हाथ ख़ाली हैं तेरे शहर से जाते जाते
जान होती तो मेरी जान लुटाते जाते
अब तो हर हाथ का पत्थर हमें पहचानता है
उम्र गुज़री है तेरे शहर में आते जाते


rahat indori ki shero shayar,rahat indori ko koun nhi jaanta.he is gem of indian poetry.rahat indori wrotes many poetry,shayari,gazal in hindi and urdu.his shayari very famous in world.
rahat indori shayari in hindi,rahat indori | shayari video,rahat indori shayari romantic,rahat indori shayari on politics in hindi,rahat indori shayari in urdu,rahat indori shayari bulati hai magar,rahat indori sad shayari 2 line,rahat indori motivational shayari,rahat indori shayari hath daba bhi dena



Post a Comment

0 Comments